संतुलित व्यक्तित्व ही सफल जीवन का आधार: के.बी. कॉलेज बेरमो में मनोविज्ञान विभागीय सेमिनार आयोजित
जगदीश भारती। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और जीवन में संतुलन के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से के.बी. कॉलेज, बेरमो के मनोविज्ञान विभाग की ओर से शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को ‘संतुलित व्यक्तित्व: जीवन का आधार’ विषय पर विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने की। सेमिनार में शिक्षकों और विभिन्न सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने भाग लेकर व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जे.एस.एम. कॉलेज, फुसरो के मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक प्रो. मधुबाला थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संतुलित व्यक्तित्व जीवन की प्रमुख आधारशिलाओं में से एक है। जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए व्यक्ति को अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्लेषण करने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

समाज के रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण है व्यक्तित्व
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने कहा कि व्यक्ति का समग्र व्यक्तित्व समाज की रचनात्मकता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने व्यक्तित्व विकास को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न मानते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक योगदान से भी जोड़कर देखा।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों को विकसित करने तथा समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
IQ, EQ, SQ और आध्यात्मिक बुद्धिलब्धि पर हुई चर्चा
मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर कुमार ने अपने संबोधन में व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के व्यक्तित्व को समझने और उसके संतुलित विकास के लिए बौद्धिक, संवेगात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक पक्षों पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने IQ यानी बौद्धिक क्षमता, EQ यानी संवेगात्मक बुद्धिलब्धि, SQ यानी सामाजिक बुद्धिलब्धि तथा आध्यात्मिक बुद्धिलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। उनके अनुसार, व्यक्ति के इन विभिन्न आयामों का समन्वित विकास उसके व्यक्तित्व को अधिक संतुलित बनाने में सहायक हो सकता है।
डॉ. प्रभाकर कुमार ने विद्यार्थियों को समझाया कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भावनाओं को समझना, दूसरों के साथ बेहतर संबंध बनाना और जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाना भी व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
विभागीय सेमिनार में प्राचार्य लक्ष्मी नारायण, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर कुमार, मुख्य अतिथि प्रो. मधुबाला सहित मनोविज्ञान विषय के विभिन्न सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान संतुलित व्यक्तित्व के महत्व, व्यक्तिगत विकास, भावनात्मक समझ और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें शैक्षणिक ज्ञान के साथ जीवनोपयोगी गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूकता का संदेश
के.बी. कॉलेज बेरमो के मनोविज्ञान विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को समझने और उनमें सकारात्मक सुधार लाने का अवसर प्रदान करती है। संतुलित व्यक्तित्व व्यक्ति को न केवल अपने जीवन में बेहतर निर्णय लेने में सहायता करता है, बल्कि समाज के साथ सकारात्मक संबंध स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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