धंसी सड़क का बेरमो SDM ने लिया जायजा, रांची से आएगी विशेषज्ञ टीम; फुसरो-करगली मार्ग बंद
बेरमो/फुसरो: सीसीएल ढोरी क्षेत्र के जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार के समीप भू-धंसान से प्रभावित फुसरो-करगली मुख्य मार्ग का गुरुवार को बेरमो एसडीएम मनोज कुमार ने निरीक्षण किया। करीब पांच फीट नीचे धंस चुकी सड़क की स्थिति का जायजा लेने के बाद एसडीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल सड़क का धंसना थम गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को देखते हुए फुसरो-करगली मुख्य मार्ग पर आवागमन बंद रखा गया है। सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
रांची से आएगी विशेषज्ञ टीम
निरीक्षण के दौरान बेरमो एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि भू-धंसान की तकनीकी जांच के लिए रांची से विशेषज्ञ टीम बुलाई जा रही है। विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर प्रभावित सड़क और आसपास की जमीन का निरीक्षण करेगी।
विशेषज्ञ टीम भू-धंसान के संभावित कारणों और सड़क की वर्तमान स्थिति का तकनीकी आकलन करेगी। जांच के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर सड़क को सुरक्षित करने और आवागमन दोबारा शुरू करने को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
रविवार से शुरू हुआ था भू-धंसान
जानकारी के अनुसार सीसीएल ढोरी जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार के समीप सड़क पर भू-धंसान की प्रक्रिया रविवार से शुरू हुई थी। इसके बाद लगातार जमीन बैठती गई और बुधवार तक सड़क करीब पांच फीट नीचे धंस गई।
भू-धंसान का असर आसपास के क्षेत्र में भी देखने को मिला। सड़क के किनारे और आसपास की जमीन में दरारें पड़ने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी।
कई अस्थायी दुकानें भी हुईं क्षतिग्रस्त
भू-धंसान की चपेट में आने से सड़क किनारे मौजूद कई अस्थायी दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए पहले ही दुकानदारों को वहां से हटा दिया था।
समय रहते दुकानें खाली कराए जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में लोगों को जाने से रोका जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।
सड़क बंद होने से आवागमन प्रभावित
फुसरो-करगली मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को फिलहाल दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
प्रशासन की निगाह अब रांची से आने वाली विशेषज्ञ टीम की तकनीकी जांच पर है। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि भू-धंसान के पीछे संभावित कारण क्या हैं और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए किस तरह के कदम उठाने होंगे।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की अपील की है। सड़क कब तक बंद रहेगी और आवागमन कब बहाल होगा, इसका फैसला विशेषज्ञों की जांच और सुरक्षा आकलन के बाद लिया जाएगा।