डीएवी कथारा में भारतीय संस्कृति परीक्षा आयोजित, 99 विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
जगदीश भारती/कथारा। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, ज्ञान और संस्कारों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को गायत्री परिवार के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में विद्यालय के कक्षा पांचवीं से ग्यारहवीं तक के कुल 99 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन संस्कारों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर दिया। परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल थे, जिनका उत्तर विद्यार्थियों को ओएमआर शीट के माध्यम से देना था। सभी प्रश्न भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित थे।
कक्षा पांचवीं से ग्यारहवीं तक के विद्यार्थी हुए शामिल
भारतीय संस्कृति परीक्षा में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों की भागीदारी रही। कक्षा के अनुसार विद्यार्थियों की संख्या इस प्रकार रही:
- कक्षा पांचवीं: 31 विद्यार्थी
- कक्षा छठी: 21 विद्यार्थी
- कक्षा सातवीं: 7 विद्यार्थी
- कक्षा आठवीं: 29 विद्यार्थी
- कक्षा नौवीं: 1 विद्यार्थी
- कक्षा दसवीं: 8 विद्यार्थी
- कक्षा ग्यारहवीं: 2 विद्यार्थी
इस प्रकार परीक्षा में कुल 99 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
विद्यालय प्राचार्य डॉ. जी. एन. खान रहे केंद्राधीक्षक
परीक्षा के केंद्राधीक्षक विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-I के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान थे। परीक्षा के सफल संचालन में वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक टी. एम. पाठक, शिक्षिका अनुसूइया मोहंती एवं कार्यालय कर्मचारी शुभम कुमार ने वीक्षक की भूमिका निभाई।
वहीं, गायत्री परिवार की ओर से सतीश कुमार वर्मा एवं जयप्रकाश विश्वकर्मा पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति और नैतिक शिक्षा पर दिया गया जोर
परीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान और संस्कारों के प्रति रुचि एवं जागरूकता विकसित करना था। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व में नैतिकता, सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-I के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान ने विद्यालय को भारतीय संस्कृति परीक्षा का केंद्र बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने गायत्री परिवार की सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जुड़ी मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं नैतिक शिक्षा का समावेश भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने ऐसी गतिविधियों को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक चेतना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का मिला अवसर
भारतीय संस्कृति परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक विरासत, जीवन मूल्यों और संस्कारों को समझने का सार्थक अवसर प्राप्त हुआ। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक एवं नैतिक शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया।

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