जरीडीह में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस से झड़प, चार आरोपी गिरफ्तार
पी. सोनी कुमारी/बोकारो : बोकारो जिले के जरीडीह थाना क्षेत्र के गायछंदा गांव में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस और जुलूस में शामिल कुछ लोगों के बीच विवाद और हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना 16 सितंबर की शाम गायछंदा मस्जिद मोड़ के समीप की बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
तय मार्ग को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग तय किया गया था। जुलूस के दौरान कुछ लोग कथित तौर पर तय मार्ग से अलग दिशा में, मस्जिद की ओर से जुलूस ले जाने की मांग करने लगे। मौके पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों ने उन्हें निर्धारित मार्ग का पालन करने को कहा।
इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पुलिस तथा जुलूस में शामिल कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई होने का आरोप है। ड्यूटी पर एसआई विकास कुमार विश्वकर्मा, एसआई मथियस जोन मुर्मू और आरक्षी राजेश कुमार तैनात थे।
पुलिस पदाधिकारी से मारपीट का आरोप
दर्ज शिकायत के अनुसार, राहुल सिंह पर पुलिस पदाधिकारी का कॉलर पकड़कर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस रिपोर्ट में कुछ अन्य लोगों पर भी पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान पुलिसकर्मियों पर पथराव और धमकी दिए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।

12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी
पुलिस आवेदन के आधार पर मामले में राहुल सिंह, सुरेश सिंह, अबोध दास, अनंत दास, पप्पू गोसाई, राजेंद्र सिंह, सुनील गोसाई, सुजीत दास, मुकेश गोसाई और परमेश्वर बेसरा समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है। विभिन्न रिपोर्टों में नामजद आरोपियों की संख्या/सूची में अंतर दिखाई देता है; इसलिए प्रकाशन से पहले एफआईआर की प्रति से नामों की अंतिम पुष्टि करना उचित होगा।
चार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल सिंह, अबोध दास, आनंद/अनंत दास और संतोष सिंह को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नोट: यह खबर पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपों को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।