ANC की हां, मेयर कार्यालय से नहीं मिला समय; चास नगर निगम की कार्यशैली पर नगर विकास समिति ने उठाए सवाल
पी. सोनी कुमारी: चास नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर नगर विकास समिति ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। समिति के संयोजक अभय कुमार मुन्ना के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार से मुलाकात कर 11 सूत्री मांगों पर चर्चा की। समिति के अनुसार, अपर नगर आयुक्त ने समस्याओं के समाधान को लेकर आश्वासन दिया।
वहीं समिति ने आरोप लगाया कि उसने महापौर से भी जनसमस्याओं को लेकर वार्ता का समय मांगा था, लेकिन महापौर कार्यालय की ओर से समय नहीं दिया गया। समिति के अनुसार, उसके आग्रह पत्र को यह कहते हुए लेने से इनकार किया गया कि संबंधित मुद्दों का समाधान बोर्ड की बैठक में किया जा चुका है।
महापौर कार्यालय के रवैये पर समिति ने जताई आपत्ति
नगर विकास समिति के संयोजक अभय कुमार मुन्ना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चास की जनता ने उम्मीद और विश्वास के साथ महापौर को जनप्रतिनिधि चुना है। ऐसे में जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल से संवाद नहीं होना चिंता का विषय है।
समिति ने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम कार्यालय को जनता की समस्याओं पर सीधे संवाद नहीं करना चाहिए। समिति ने कहा कि यदि निगम प्रशासन का यही रवैया आगे भी जारी रहा तो भविष्य में जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
यह बातें नगर विकास समिति के आरोप और राजनीतिक/सामाजिक संगठन की प्रतिक्रिया हैं। महापौर या उनके कार्यालय की ओर से इस घटनाक्रम पर अलग प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
अपर नगर आयुक्त से 11 सूत्री मांगों पर हुई चर्चा
30 सितंबर को अभय कुमार मुन्ना के नेतृत्व में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार से मुलाकात की। इस दौरान चास नगर निगम क्षेत्र से जुड़ी कई बुनियादी समस्याओं को उठाया गया।
समिति ने श्रृंगारी जोड़ियां, गरगा नदी तथा निगम क्षेत्र के तालाब, नाला और नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी नियमित सफाई की मांग रखी।
इसके अलावा समिति ने गरगा नदी, तालाबों और श्रृंगारी जोड़ियों में सीवरेज का गंदा पानी सीधे गिराए जाने पर रोक लगाने की मांग की। समिति ने इस संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की।
होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर भी उठाया मुद्दा
समिति ने निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स की वसूली के दौरान निजी एजेंसी के एजेंटों की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। समिति का कहना है कि टैक्स वसूली का कार्य निगम के स्थायी कर्मियों के माध्यम से कराया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने घर-घर जल और गैस आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में आपूर्ति शुरू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
समिति के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिन सड़कों को काटा गया है, उनकी एजेंसी द्वारा समुचित मरम्मत नहीं कराए जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने ऐसी सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने की मांग की।
सब्जी बाजारों को व्यवस्थित करने की मांग
नगर विकास समिति ने चेक पोस्ट सब्जी बाजार और जोधाडीह मोड़ सब्जी बाजार को व्यवस्थित करने की मांग की। समिति ने दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था करने तथा खुले में मांस-मछली और मदिरा की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी रखी।
इसके साथ ही निगम क्षेत्र में कचरा निस्तारण प्लांट के निर्माण और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना की मांग की गई। समिति ने निगम क्षेत्र को सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग से मुक्त कराने की भी मांग की।
जोधाडीह मोड़ पर फ्लाईओवर और सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
समिति ने जोधाडीह मोड़ चौक पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग भी रखी। इसके अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा, ट्रेड लाइसेंस सहित अन्य प्रमाणपत्रों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग की गई।
समिति का कहना है कि नागरिकों को विभिन्न प्रमाणपत्र और निगम से जुड़ी सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अपर नगर आयुक्त ने समाधान का दिया आश्वासन: समिति
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने समिति द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि नगर विकास समिति पहले भी चास नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर निगम अधिकारियों के साथ बैठक और वार्ता करती रही है। जून 2025 में भी समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर आयुक्त से मिलकर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की थी।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक सदस्य बालकृष्ण मुरारी, डॉ. एस. कुमार, महासचिव संगठन अतीश कुमार सिंह, शिवकुमार श्रीवास्तव, लालमुनी देवी, जितेंद्र कुमार सिंह, रानी माली, रिंकू कुमारी और नरोत्तम झा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

अब देखना होगा कि नगर विकास समिति द्वारा उठाए गए मुद्दों पर निगम प्रशासन की ओर से किस स्तर पर कार्रवाई होती है और महापौर कार्यालय की ओर से समिति के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।