उज्जैन के होटल में दर्दनाक हादसा: वेस्ट चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत, जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका
उज्जैन, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक निजी होटल के वेस्ट चैंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में शनिवार, 31 अक्टूबर की देर रात चैंबर के अंदर फंसने से चार लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चैंबर में मौजूद जहरीली गैस के कारण दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में दो अन्य लोग भी बचाव के प्रयास के दौरान बीमार हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब 11 बजे की है। होटल परिसर में खाद्य पदार्थों और अन्य बचे हुए कचरे को जमा करने के लिए बने चैंबर में रुकावट आ गई थी। इसके बाद उसकी सफाई और जांच का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि सबसे पहले दो लोग चैंबर के अंदर गए, लेकिन कुछ ही देर में वे बेहोश होकर फंस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में दो अन्य लोग भी चैंबर में उतर गए। वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।
करीब डेढ़ घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर थाना पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। चैंबर का दरवाजा नहीं खुलने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई। इसके बाद पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटिंग मशीन मंगाई गई और उसकी मदद से चैंबर का दरवाजा काटकर रास्ता बनाया गया।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही उन्हें सीपीआर (CPR) देकर बचाने की कोशिश की। इसके बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान और परिवारों में मातम
मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की पहचान कमलेश तांबोली, नितिन, वाहिद और राजस्थान के झालावाड़ निवासी मनोज मीणा के रूप में बताई गई है। इनमें कुछ लोग होटल से जुड़े काम में लगे थे, जबकि कुछ अतिरिक्त मजदूरी के लिए वहां पहुंचे थे।
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मृतकों की भूमिका, काम की परिस्थितियों और हादसे से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रहे हैं।
बचाव के दौरान अन्य लोग भी हुए प्रभावित
चार लोगों को बाहर निकालने के दौरान बचाव कार्य में शामिल दो अन्य लोग भी गैस की चपेट में आकर बीमार हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक अन्य सफाईकर्मी हेमराज ने चैंबर में जाने के बाद सांस लेने में परेशानी और चक्कर महसूस होने पर समय रहते बाहर निकलने में सफलता पाई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चैंबर के भीतर मौजूद गैस और फिसलन के कारण लोगों की हालत बिगड़ी। हालांकि, किस प्रकार की गैस मौजूद थी और उसकी मात्रा कितनी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान
उज्जैन में हुए इस दर्दनाक हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना भी की।
होटल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
जिला प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित लोग चैंबर की सफाई के लिए अंदर गए थे या किसी अन्य वजह से उसमें फंस गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चैंबर में प्रवेश से पहले सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि अंदर जाने से पहले गैस की जांच, पर्याप्त वेंटिलेशन और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था थी या नहीं। चैंबर में काम कराने के लिए किसकी ओर से निर्देश दिए गए थे और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी, इन पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बंद चैंबर में काम करना कितना खतरनाक?
इस हादसे ने एक बार फिर बंद और कम हवादार चैंबरों में सफाई कार्य के दौरान होने वाले गंभीर जोखिमों को उजागर किया है। ऐसे स्थानों में जहरीली गैस जमा हो सकती है और ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ ही समय में व्यक्ति बेहोश हो सकता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को बिना गैस की जांच, उचित वेंटिलेशन, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित बचाव व्यवस्था के ऐसे चैंबर में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
उज्जैन की यह घटना होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी का पता चल सकेगा।