मणिपुर में दो लापता युवकों के शव मिले, कांगपोकपी में हिंसक झड़प; 3 प्रदर्शनकारी घायल

मणिपुर के कांगपोकपी में दो लापता युवकों के शव मिलने के बाद तैनात सुरक्षा बल

मणिपुर में दो लापता युवकों के शव बरामद, कांगपोकपी में भड़का तनाव; प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प

इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर जातीय तनाव गहराता नजर आ रहा है। कांगपोकपी जिले से लापता हुए दो कुकी-जो युवकों के शव रविवार, 1 नवंबर 2026 को तलाशी अभियान के दौरान बरामद किए गए। दोनों युवक 28 अक्टूबर से लापता थे। शव मिलने की खबर फैलते ही कांगपोकपी जिला मुख्यालय में तनाव बढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और पुलिस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई, जिसमें कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।

मृतकों की पहचान पाओगिनलाल हैंगसिंग और टिंगिनलुन चोंगलोई के रूप में हुई है। दोनों तफौ कुकी गांव के रहने वाले थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने कई दिनों तक तलाशी अभियान चलाने के बाद सेनापति और कांगपोकपी जिलों को जोड़ने वाले एसपी रोड के आसपास पहाड़ी इलाके से दोनों के शव बरामद किए।

28 अक्टूबर से लापता थे दोनों युवक

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों युवक 28 अक्टूबर को तफौ कुकी गांव से लापता हो गए थे। बताया जा रहा है कि वे हेंगबुंग और तफौ गांव के बीच यात्रा कर रहे थे, तभी कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। हालांकि, अपहरण और हत्या के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दोनों युवकों के लापता होने के बाद स्थानीय लोगों और संगठनों ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग शुरू कर दी थी। इस मामले को लेकर कांगपोकपी जिले में बंद का आह्वान भी किया गया था। परिवार और स्थानीय समुदाय लगातार उनकी तलाश और सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे थे।

पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने चलाया संयुक्त तलाशी अभियान

मणिपुर पुलिस के कंट्रोल रूम के अनुसार, दोनों युवकों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद अलग-अलग चरणों में तलाशी अभियान चलाए गए। शुरुआती अभियान में मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और असम राइफल्स की टीमें शामिल थीं।

रविवार को तलाशी अभियान को और व्यापक बनाया गया। इस दौरान मणिपुर पुलिस, कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन (CoBRA), CRPF, असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की संयुक्त टीमों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्वी हिस्से में सेनापति-फाइबुंग रोड यानी एसपी रोड के आसपास तलाशी ली।

इसी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को दोनों युवकों के शव मिले। पुलिस ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही इलाके में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रखने की बात कही गई है, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

शव मिलने के बाद कांगपोकपी में प्रदर्शन और झड़प

दोनों युवकों के शव मिलने की सूचना के बाद कांगपोकपी जिला मुख्यालय में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ने और वहां विरोध जताने की कोशिश की।

स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ स्थानों पर पथराव और गुलेल से हमला किए जाने की भी खबर है। इस झड़प में कम से कम तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी जारी है।

CoTU ने बंद बढ़ाया, शव स्वीकार करने से भी किया इनकार

दोनों युवकों के लापता होने के बाद कांगपोकपी स्थित संगठन कमिटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने जिले में पूर्ण बंद का आह्वान किया था। संगठन ने युवकों की तत्काल और सुरक्षित रिहाई की मांग की थी। शव बरामद होने के बाद संगठन ने अपना विरोध और तेज कर दिया।

CoTU ने मृतकों के शव स्वीकार करने से पहले कई मांगें रखीं। इनमें मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने, कथित अपहरण और हत्या में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, तफौ कुकी गांव को सेनापति पुलिस क्षेत्राधिकार से हटाकर कांगपोकपी के अंतर्गत लाने तथा ओकलोंग स्थित NSCN-IM के शिविर को हटाने जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं।

संगठन ने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। इन मांगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया के बीच इलाके में तनाव बना हुआ है।

नोनी जिले में तीन अन्य लोगों की हत्या से बढ़ी चिंता

मणिपुर में तनाव उस समय और बढ़ गया, जब कांगपोकपी में दो युवकों के शव मिलने से एक दिन पहले नोनी जिले में गोलीबारी की एक अलग घटना में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना शनिवार को केकरू नागा गांव के पास दो हथियारबंद समूहों के बीच हुई गोलीबारी के दौरान हुई।

लगातार सामने आ रही इन हिंसक घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों घटनाओं के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर जांच जारी है।

मणिपुर के कांगपोकपी में दो लापता युवकों के शव मिलने के बाद तैनात सुरक्षा बल
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो लापता युवकों के शव मिलने के बाद विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षाबलों के साथ झड़प हुई।

पुलिस की जांच जारी, दोषियों की तलाश तेज

मणिपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों युवकों की मौत के मामले में तलाशी और जांच अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का उद्देश्य घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है।

फिलहाल कांगपोकपी और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अब सभी की नजर जांच की प्रगति, संगठन की मांगों और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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