के.बी. कॉलेज बेरमो में ‘काउंसलिंग एंड लाइफ स्किल्स’ पर कार्यशाला आयोजित, मानसिक संतुलन और जीवन कौशल के महत्व पर हुआ मंथन
बेरमो: बोकारो जिले के के.बी. कॉलेज, बेरमो के मनोविज्ञान विभाग द्वारा गुरुवार, 06 अगस्त 2026 को “काउंसलिंग एंड लाइफ स्किल्स” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में प्राचार्य प्रो. लक्ष्मी नारायण की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श और जीवन कौशल के महत्व से अवगत कराना तथा मनोविज्ञान के क्षेत्र में कैरियर की संभावनाओं पर मार्गदर्शन देना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. लक्ष्मी नारायण ने कहा कि वर्तमान समय में मनोविज्ञान एक अत्यंत उपयोगी एवं रोजगारपरक विषय बन चुका है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और महत्वाकांक्षाओं के कारण समाज में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में मनोवैज्ञानिकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मजबूत जीवन कौशल (Life Skills) से भी तय होती है।
कार्यशाला में प्रो. इंचार्ज प्रो. गोपाल प्रजापति ने कहा कि मानव मस्तिष्क, सोच, भावनाओं और व्यवहार को समझने के लिए मनोविज्ञान सबसे प्रभावी विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों से मनोविज्ञान के क्षेत्र में कैरियर बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह विषय आत्म-जागरूकता, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर कुमार ने “परामर्श एवं जीवन कौशल” विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि परामर्श कौशल (Counselling Skills) ऐसी विशेष तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत, सामाजिक या मानसिक समस्याओं से उबरने में सहायता मिलती है। वहीं जीवन कौशल वे मानसिक एवं व्यावहारिक क्षमताएं हैं, जो व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करते हुए संतुलित, सफल और सकारात्मक जीवन जीने योग्य बनाती हैं।
इस अवसर पर प्रो. पी.पी. कुशवाहा एवं रविंद्र कुमार दास ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनोविज्ञान विषय की समाज में लगातार मांग बढ़ रही है और यह विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं शोध के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है।
कार्यशाला में मनोविज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। गुंजा पल्लवी शर्मा एवं मिलन कुमार गुप्ता सहित अन्य विद्यार्थियों ने जीवन कौशल, मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श की उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का सफल संचालन मनोविज्ञान विभाग की छात्रा गुंजा पल्लवी शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभाकर कुमार ने किया।
कार्यशाला में प्राचार्य प्रो. लक्ष्मी नारायण, प्रो. गोपाल प्रजापति, डॉ. प्रभाकर कुमार, प्रो. पी.पी. कुशवाहा, रविंद्र कुमार दास सहित मनोविज्ञान विभाग के सभी सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इनमें अंजुम बानो, तरन्नुम मुनरी, मिलन कुमार गुप्ता, अभिषेक आनंद, प्रकाश कुमार, सोनू कुमार शर्मा, कुमारी नूपुर, सूरज देव साव, राजीव कुमार बाउरी, आंचल कुमारी, हरिश्चंद्र सिंह, दीपक कुमार प्रजापति समेत अन्य विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और जीवन कौशल को अपनाकर बेहतर भविष्य निर्माण का संकल्प लिया।

