

रांची: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रध्वज को सलामी देने जा रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र आंदोलन से जुड़े चेहरे देवेंद्र नाथ महतो को कथित रूप से पुलिस द्वारा रोके जाने का मामला राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रवक्ता महेश कुमार दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
महेश दुबे ने जारी बयान में कहा कि देवेंद्र नाथ महतो लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में उपचाराधीन होने के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों के बीच आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देना चाहते थे।
“तिरंगे को सलामी देना क्या अपराध है?” – महेश दुबे
महेश दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रध्वज को सम्मान देना चाहता है, तो उसे रोकने का आधार क्या हो सकता है।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल से बाहर निकलकर छात्रों के बीच जाने से रोका गया और इस दौरान कथित रूप से धक्का-मुक्की, धमकी एवं बल प्रयोग जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कानूनी आधार सार्वजनिक करने की मांग
JLKM प्रवक्ता ने प्रशासन से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि देवेंद्र नाथ महतो को रोकने के लिए कोई लिखित आदेश जारी किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि क्या किसी सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय का कोई निर्देश मौजूद था, जिसके आधार पर उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया।
महेश दुबे ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और प्रशासन से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किसी आंदोलनकारी या सामाजिक कार्यकर्ता की आवाज को दबाने के बजाय उसके साथ संवाद स्थापित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल से उच्चस्तरीय जांच की मांग
महेश दुबे ने राज्यपाल से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की जानी चाहिए तथा घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में पुलिस द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग या अनावश्यक बल प्रयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी चिंता
JLKM की ओर से यह भी मांग की गई है कि देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। महेश दुबे ने कहा कि तिरंगा पूरे राष्ट्र की शान और सम्मान का प्रतीक है तथा उसे सलामी देने की इच्छा को किसी भी परिस्थिति में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।