बोकारो में दामाद की हत्या का खुलासा, जमीन विवाद में दो गिरफ्तार
पी. सोनी कुमारी: चंदनकियारी थाना क्षेत्र के बरमसिया ओपी में कोंका गोप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में दो नामजद आरोपियों भागीरथ गोप (36) और भुदेव गोप (32) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद सामने आया है।
ससुराल जाने के बाद लापता हुए थे कोंका गोप
पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के काशीझरिया निवासी कोंका गोप सितंबर में अपने ससुराल गए थे। इसके बाद वह लापता हो गए। परिजनों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी और उनकी तलाश शुरू की गई।
कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद 17 सितंबर को बरमसिया ओपी क्षेत्र में एक जलस्रोत/नदी किनारे झाड़ियों के पास कोंका गोप का शव बरामद किया गया। शव की स्थिति खराब थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से जांचते हुए अनुसंधान तेज किया।
जमीन विवाद को लेकर हत्या का आरोप
चास अनुमंडल के एएसपी वेदांत शंकर के अनुसार, अनुसंधान के दौरान पुलिस ने भागीरथ गोप और भुदेव गोप को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में भागीरथ गोप ने कोंका गोप के ससुर शंभु गोप से जमीन को लेकर चल रहे विवाद का उल्लेख किया।
पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते भागीरथ गोप ने भुदेव गोप की सहायता से कोंका गोप की हत्या करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और घटना में अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है।
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी
रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के पुत्र की शिकायत के आधार पर बरमसिया ओपी में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में चार लोगों के नाम सामने आए थे। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एफएसएल और तकनीकी साक्ष्यों से भी जांच
पुलिस ने घटना की जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम और खोजी कुत्ते की मदद ली। मोबाइल फोन सहित अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद हत्या की परिस्थितियों तथा सभी आरोपियों की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट होगी।
दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने भागीरथ गोप और भुदेव गोप को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
डिस्क्लेमर: आरोपियों पर लगाए गए आरोप पुलिस जांच और प्राथमिकी पर आधारित हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
