

रांची: भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रांची में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नए विधानसभा परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, रांची की महापौर रौशनी खलखो, भाजपा महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अटल जी भारतीय राजनीति के ‘अजातशत्रु’ थे: बाबूलाल मरांडी
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे जिन्हें सभी दलों में सम्मान प्राप्त था। उन्होंने कहा कि अटल जी को ‘अजातशत्रु’ कहा जाता था क्योंकि उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली ने राजनीतिक विरोधियों का भी सम्मान अर्जित किया था।
मरांडी ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन का सबसे बड़ा श्रेय अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। उनके नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता और राज्य हमेशा उनके इस ऐतिहासिक योगदान का ऋणी रहेगा।
परमाणु शक्ति संपन्न भारत के निर्माण में अहम भूमिका
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 1998 में जब केंद्र में गठबंधन सरकार थी और संसदीय संख्या भी सीमित थी, तब भी अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया के सामने अपनी सामरिक शक्ति का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने अंतरराष्ट्रीय दबावों और प्रतिबंधों की परवाह किए बिना राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए और भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।
राष्ट्रहित को हमेशा रखा सर्वोपरि
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन, उनके नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि अटल जी के आदर्श, विचार और कार्यशैली आज भी देश के करोड़ों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।