ATF Price Hike November 2026: विमान ईंधन और कमर्शियल LPG महंगे, हवाई किराए पर असर

नवंबर 2026 में ATF विमान ईंधन और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी

ATF और कमर्शियल LPG महंगे: नवंबर के पहले दिन महंगाई का झटका, हवाई यात्रा और होटल-रेस्तरां पर बढ़ेगा खर्च

नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए महंगाई की नई खबर लेकर आई है। देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। ATF की कीमत में लगातार चौथे महीने इजाफा हुआ है, जबकि कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि का असर विमानन कंपनियों, होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े कारोबार पर पड़ सकता है।

तेल कंपनियों की नई दरें 1 नवंबर से लागू हो गई हैं। इस बार ATF की कीमत में 1.37 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 10 रुपये का इजाफा किया गया है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ATF की कीमत बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हुई

विमानन कंपनियों के लिए इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में इस बार 1.37 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसके बाद इसकी कीमत 137.12 रुपये से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

यह लगातार चौथा महीना है, जब विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 1 अगस्त को ATF की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर, 1 सितंबर को 6.28 रुपये प्रति लीटर और 1 अक्टूबर को 16 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी।

लगातार बढ़ती कीमतों के कारण विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च पर दबाव बढ़ रहा है। विमान ईंधन किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत तक हिस्सा होता है। ऐसे में ATF की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी एयरलाइंस के लिए चुनौती बन सकती है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर 10 रुपये महंगा

होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी 10 रुपये की वृद्धि की गई है।

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,820 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 अक्टूबर को इसकी कीमत में 62.50 रुपये और 1 सितंबर को 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

इस तरह सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में लगातार तीन महीनों तक कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग संचालकों और छोटे खाद्य कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।

गौरतलब है कि फरवरी से जून के बीच कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कुल 1,373 रुपये की भारी वृद्धि हुई थी। जून में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में कीमतों में राहत मिली थी, लेकिन सितंबर से फिर बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया।

क्या हवाई यात्रा भी हो सकती है महंगी?

ATF की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर विमानन कंपनियों के खर्च पर पड़ता है। विमान ईंधन एयरलाइंस के सबसे बड़े खर्चों में से एक है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।

यदि विमानन कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर डालती हैं, तो आने वाले समय में हवाई टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है। हालांकि, अभी इस मूल्य वृद्धि के कारण सभी एयरलाइंस की ओर से किराया बढ़ाने की कोई अनिवार्य या समान घोषणा नहीं हुई है।

हवाई टिकटों की कीमतों पर मांग, उड़ानों की उपलब्धता, प्रतिस्पर्धा और एयरलाइंस की व्यावसायिक नीतियों का भी प्रभाव पड़ता है।

होटल और रेस्टोरेंट में खाना पड़ सकता है महंगा

कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने का असर केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें, कैटरिंग सेवाएं और स्ट्रीट फूड कारोबार भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली व्यावसायिक गैस महंगी होने से कारोबारियों की परिचालन लागत बढ़ेगी। ऐसे में कुछ कारोबारी भविष्य में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर प्रत्येक कारोबारी की लागत और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

घरेलू LPG, पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर

कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी इस महीने की शुरुआत में स्थिर रखी गई हैं। यानी नवंबर की पहली तारीख को ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर मुख्य रूप से विमानन और व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की कीमत का असर

तेल कंपनियों की ओर से ATF और LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों और रुपये-डॉलर की विनिमय दर को ध्यान में रखकर किया जाता है।

आमतौर पर सरकारी तेल विपणन कंपनियां प्रत्येक महीने की पहली तारीख को ATF और कमर्शियल LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय कर और वैट के कारण इनकी अंतिम कीमतों में अंतर हो सकता है।

नवंबर 2026 में ATF विमान ईंधन और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
नवंबर की शुरुआत में विमान ईंधन ATF और कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगे, हवाई यात्रा और कारोबार पर पड़ सकता है असर।

निष्कर्ष: नवंबर की शुरुआत में विमान ईंधन और कमर्शियल LPG की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से विमानन कंपनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ने की आशंका है। इसका असर आने वाले समय में हवाई किराए और होटल-रेस्टोरेंट की सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया झटका नहीं लगा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *