विश्व कुश्ती में भारत का जलवा! तानु शर्मा को कांस्य, नीलम सिरोही को रजत; भारतीय पहलवानों ने जीते 4 पदक
नई दिल्ली। कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित 2026 सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय पहलवानों ने अपने दमदार खेल, संघर्ष और मेहनत के दम पर कुल चार पदक अपने नाम किए। इस प्रतियोगिता में तानु शर्मा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक, जबकि नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया।
भारतीय महिला कुश्ती टीम का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि प्रतियोगिता में देश को एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक मिला। इस उपलब्धि ने विश्व कुश्ती में भारत की मजबूत स्थिति को एक बार फिर प्रदर्शित किया है।
तानु शर्मा ने 72 किलोग्राम वर्ग में जीता कांस्य
हरियाणा की युवा पहलवान तानु शर्मा ने महिलाओं के 72 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक के मुकाबले में उन्होंने अमेरिका की पहलवान प्रेशियस बेल को 9-5 से हराया।
मुकाबले की शुरुआत से ही तानु ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती बढ़त हासिल की। एक समय वह 3-0 से आगे थीं, लेकिन बीच में रक्षात्मक रणनीति अपनाने के कारण प्रतिद्वंद्वी ने कुछ अंक हासिल कर लिए। इसके बाद तानु ने दोबारा आक्रामक रुख अपनाया और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए जीत दर्ज की।
तानु के लिए यह उपलब्धि बेहद खास रही। उन्होंने इस पदक को पूरे देश के नाम समर्पित करते हुए खुशी जाहिर की। उनकी इस सफलता ने भारतीय महिला कुश्ती को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई है।
नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम वर्ग में जीता रजत पदक
भारतीय पहलवान नीलम सिरोही ने महिलाओं के 50 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया।
फाइनल मुकाबले में उनका सामना जापान की दिग्गज पहलवान और ओलंपिक चैंपियन युई सुसाकी से हुआ। हालांकि, इस मुकाबले में नीलम को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
नीलम ने पदक जीतने के बाद कहा कि देश के लिए विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में कंधे की हल्की चोट का भी जिक्र किया और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प जताया।
मनीषा भानवाला ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया स्वर्ण
इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में मनीषा का सामना अमेरिका की अबीगेल एलिजाबेथ नेट से हुआ। मुकाबले के दौरान वह एक समय 0-6 से पीछे थीं, लेकिन शानदार वापसी करते हुए उन्होंने 8-6 से जीत दर्ज की।
उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
काजल ढोचक ने भी जीता रजत पदक
भारतीय पहलवान काजल ढोचक ने भी महिलाओं के 76 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना यूक्रेन की पहलवान अनास्तासिया अल्पयेयेवा से हुआ। कड़े मुकाबले में काजल को 6-8 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद उन्होंने विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा और क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
भारतीय महिला कुश्ती टीम का पदक विवरण
2026 सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की महिला पहलवानों ने कुल चार पदक जीते।
- स्वर्ण पदक: मनीषा भानवाला – 59 किलोग्राम।
- रजत पदक: नीलम सिरोही – 50 किलोग्राम।
- रजत पदक: काजल ढोचक – 76 किलोग्राम।
- कांस्य पदक: तानु शर्मा – 72 किलोग्राम।
भारत ने इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीतकर शानदार अभियान समाप्त किया।
भारतीय कुश्ती के भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि
भारतीय महिला पहलवानों का यह प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। मनीषा भानवाला, नीलम सिरोही, काजल ढोचक और तानु शर्मा ने साबित किया है कि भारतीय महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
इन खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष ने देश को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया है। अब इन पहलवानों की नजरें आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और ओलंपिक क्वालीफिकेशन की तैयारियों पर रहेंगी।

निष्कर्ष: अस्ताना में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का चार पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन देश के खेल इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तानु शर्मा के कांस्य और नीलम सिरोही के रजत पदक के साथ मनीषा भानवाला का ऐतिहासिक स्वर्ण भारतीय कुश्ती के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाता है।