

बोकारो: जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमलों से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हाथियों के आतंक से जूझ रहे लोगों के सामने अब सियार का खतरा भी खड़ा हो गया है। कसमार प्रखंड के आधा दर्जन गांवों में मंगलवार को सियार के हमले से अफरा-तफरी मच गई। एक ही दिन में करीब 12 ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया, जिनमें चार साल की मासूम बच्ची से लेकर 75 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, कसमार प्रखंड के नवाडीह, बगदा, टांगटोना, पुरनी बागियारी, खुनाथपुर और लालमटिया गांव में सियार ने अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर हमला किया। अचानक हुए इन हमलों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
चार वर्षीय बच्ची पर पहला हमला
नवाडीह गांव में सुबह करीब 7:30 बजे निर्मल महतो की चार वर्षीय पुत्री रूही कुमारी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक सियार ने उस पर हमला कर दिया। बच्ची को बचाने पहुंचे उसके परिजनों ने किसी तरह सियार को भगाया। घायल बच्ची का इलाज कसमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया।
कई ग्रामीण हुए घायल
सियार के हमले में नवाडीह निवासी राहुल कुमार महतो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बोकारो रेफर किया गया। वहीं राहुल महतो (32) और राहुल कुमार (25) का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया।
बगदा गांव में 75 वर्षीय राया महतो पर पीछे से हमला कर सियार ने उनके पैर में काट लिया। टांगटोना गांव में लालमणि देवी और पार्वती देवी भी हमले में घायल हो गईं। इसके अलावा पुरनी बागियारी के राकेश महतो (10), लालमटिया की बुधनी देवी (33) और खुनाथपुर की झलुआ देवी (65) भी सियार के हमले का शिकार बनीं।
बचाने पहुंचे लोग भी नहीं बचे
घायलों को बचाने पहुंचे अनूप महतो पर भी सियार ने हमला कर दिया। इसके बाद सियार गांव में घुस गया और घर लौट रही जुली कुमारी को भी खरोंच कर घायल कर दिया। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने घेरकर मार डाला
लगातार हमलों से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार सियार को घेर लिया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने उसका पीछा किया और आत्मरक्षा में उसे मार डाला। घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।