आजादी के जश्न से पहले बंगाल में विस्फोटकों की बड़ी बरामदगी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

कोलकाता/बीरभूम: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पूर्व बर्द्धमान और बीरभूम जिलों में पुलिस की कार्रवाई के दौरान देसी बम, जिलेटिन की छड़ें और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर पूरे राज्य में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। इसी दौरान विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान विस्फोटक सामग्री मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
रामपुरहाट में घर से 304 जिलेटिन की छड़ें बरामद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र के पथानपाड़ा इलाके में एक घर में छापेमारी के दौरान 304 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गईं। बरामदगी के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया।
मामले में घर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
एक अन्य कार्रवाई में 38 किलोग्राम जिलेटिन जब्त
बीरभूम जिले में ही एक अन्य अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 38 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें बरामद की हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से संग्रह गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता था।
बरामद सामग्री को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निष्क्रिय किया गया और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ाई गई चौकसी
15 अगस्त को लेकर राज्यभर में सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, एयरपोर्ट, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे समय में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद जिलेटिन की छड़ें किस नेटवर्क के माध्यम से लाई गईं और इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं। खुफिया एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी छापेमारी की जा सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।