उत्तरकाशी केदारताल हिमस्खलन: लापता आठ लोगों में से दो के शव बरामद, छह की तलाश जारी
उत्तरकाशी/देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रेक मार्ग पर हिमस्खलन के बाद लापता हुए आठ लोगों की तलाश के दौरान बचाव दल को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार, 3 नवंबर को अभियान के दौरान बर्फ में दबे एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए गए। हालांकि, दोनों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे के बाद से लापता छह अन्य लोगों की तलाश जारी है।
उत्तराखंड पुलिस की राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) और अन्य संबंधित टीमों के सदस्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। भारी बर्फबारी, तेज हवाओं, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में लगातार बाधाएं आ रही हैं।
केदारताल ट्रेक पर कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और स्थानीय गाइड सहित एक दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण रास्ता बाधित हो गया।
बताया गया है कि केदारताल क्षेत्र में लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर हिमस्खलन हुआ, जिसके बाद सात ट्रेकर्स और एक स्थानीय गाइड लापता हो गए। उनके साथ मौजूद सहायता दल के कुछ सदस्य सुरक्षित वापस लौटने में सफल रहे।
लापता लोगों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। SDRF, NIM, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी से जुड़े लोगों को अभियान में लगाया गया।

पांचवें दिन बचाव दल को मिले दो शव
लगातार पांच दिनों से चल रहे खोज अभियान के दौरान मंगलवार सुबह मौसम में कुछ सुधार होने के बाद बचाव दल ने फिर से तलाश शुरू की।
उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की संयुक्त टीम ने हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बर्फ के नीचे दबे एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए।
बचाव दल ने काफी कठिन परिस्थितियों में दोनों शवों को बाहर निकाला। फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शवों को बरामद करने के बाद टीम दिन का अभियान समाप्त कर दोपहर करीब तीन बजे बेस कैंप लौट गई।
इस घटना के बाद लापता छह अन्य लोगों को खोजने के लिए अभियान जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
खराब मौसम और हिमस्खलन से बचाव कार्य में बाधा
केदारताल ट्रेक क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान बेहद कठिन परिस्थितियों में चलाया जा रहा है। यहां भारी बर्फ जमा है और कई हिस्सों में हिमस्खलन के कारण रास्ते बंद हो गए हैं।
SDRF के अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल को बर्फीले तूफान और खराब मौसम का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में पैदल घटनास्थल तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है।
इसी वजह से बचाव कर्मियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। अभियान के दौरान करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई पर टेंट और अन्य सामान भी बरामद किए गए थे, जिससे लापता दल के संभावित ठिकाने का पता लगाने में मदद मिली।
बुधवार को फिर शुरू होगी तलाश
मंगलवार को मौसम खराब होने के कारण बचाव दल को अभियान रोककर बेस कैंप लौटना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को मौसम और परिस्थितियों का आकलन करते हुए फिर से खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
बचाव कार्य को बेहतर बनाने के लिए घटनास्थल के पास एक वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार किया गया है। इससे राहत दल को दुर्गम क्षेत्र तक पहुंचने और आवश्यक संसाधनों को वहां पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
SDRF की ओर से अतिरिक्त कर्मियों को भी अभियान में शामिल करने की तैयारी की जा रही है, ताकि लापता लोगों की तलाश तेज की जा सके।
4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक पर परमिट रोक
हिमस्खलन और लगातार खराब मौसम को देखते हुए उत्तरकाशी वन विभाग ने 4,000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक के लिए परमिट जारी करना फिलहाल रोक दिया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम अनुकूल होने और सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार आने के बाद ही आगे परमिट जारी करने पर विचार किया जाएगा। केदारताल सहित कई ऊंचाई वाले ट्रेक मार्गों पर फिलहाल आवाजाही प्रतिबंधित की गई है।
हिमालयी ट्रेकिंग में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
उत्तरकाशी की यह घटना एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में ऊंचाई वाले ट्रेक के दौरान मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़े जोखिमों को सामने लाती है। केदारताल ट्रेक अपने कठिन रास्तों, ऊंचाई और बदलते मौसम के कारण अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग के दौरान मौसम की जानकारी, प्रशासनिक अनुमति, प्रशिक्षित गाइड और सुरक्षा उपकरण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अचानक बर्फबारी और हिमस्खलन जैसी घटनाएं यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
फिलहाल बचाव दल की प्राथमिकता लापता छह लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। पूरे क्षेत्र में खोज अभियान जारी है।
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