पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, हिंजेवाड़ी IT हब से शिवाजीनगर तक सफर होगा आसान
पुणे/नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पुणे मेट्रो की बहुप्रतीक्षित लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह मेट्रो कॉरिडोर पुणे के प्रमुख IT हब हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा।
₹8,300 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार इस परियोजना से IT क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना शहर में यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। मेट्रो सेवा 4 नवंबर 2026 से यात्रियों के लिए शुरू होगी।
23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन से पुणे को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
पुणे मेट्रो की लाइन-3 को पिंक लाइन के नाम से जाना जाता है। यह कॉरिडोर मान (Maan) और हिंजेवाड़ी IT पार्क क्षेत्र को शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा।
इस मेट्रो लाइन का निर्माण पुणे के तेजी से विकसित हो रहे IT और व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है। हिंजेवाड़ी में बड़ी संख्या में IT कंपनियां और कर्मचारी मौजूद हैं। ऐसे में इस कॉरिडोर से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सड़क यातायात पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा।
परियोजना के शुरू होने से पुणे के प्रमुख रोजगार केंद्रों और शहर के अन्य हिस्सों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
₹8,300 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार परियोजना
पुणे मेट्रो लाइन-3 का निर्माण ₹8,300 करोड़ से अधिक की लागत से किया गया है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित की गई है।
इस कॉरिडोर में कुल 23 स्टेशन हैं। शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू होगी, जबकि बाकी छह स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से जनवरी 2027 तक चालू करने की योजना है।
मेट्रो परियोजना का उद्देश्य पुणे में सड़क यातायात का दबाव कम करना, यात्रा समय बचाना और शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक बनाना है।
पिंक लाइन की खासियत: पूरी लाइन पर महिला ट्रेन ऑपरेटर
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की सबसे खास विशेषताओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है। इस कॉरिडोर का संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा।
इस पहल को सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे महिलाओं के लिए तकनीकी और परिवहन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
30 प्रतिशत बिजली सौर ऊर्जा से मिलेगी
पिंक लाइन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में भी विशेष व्यवस्था की गई है। परियोजना की लगभग 30 प्रतिशत बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है।
सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से निजी वाहनों के इस्तेमाल में कमी आने पर प्रदूषण और सड़क यातायात के दबाव को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
पुणे मेट्रो फेज-2 के चार नए कॉरिडोर का भी शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ पुणे मेट्रो फेज-2 के चार नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं पर लगभग ₹13,500 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
फेज-2 के तहत प्रस्तावित कॉरिडोर इस प्रकार हैं:
- लाइन 2A: वनाज से चांदनी चौक
- लाइन 2B: रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी
- लाइन 4: खराड़ी से खडकवासला
- लाइन 4A: नाल स्टॉप से माणिक बाग
इन नए कॉरिडोर के माध्यम से पुणे के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और IT क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। नई परियोजनाओं से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
पिंक लाइन के उद्घाटन और फेज-2 परियोजनाओं को मिलाकर पुणे मेट्रो के इन विकास कार्यों का कुल अनुमानित निवेश लगभग ₹21,800 करोड़ बताया गया है।
पुणे के विकास को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से पुणे के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की जीवनशैली अधिक सुविधाजनक होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरों में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।
पुणे देश के प्रमुख IT, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप और विनिर्माण केंद्रों में शामिल है। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत की उम्मीद
पुणे में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। हिंजेवाड़ी IT पार्क क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को रोजाना लंबी यात्रा करनी पड़ती है।
पिंक लाइन के शुरू होने से यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो से सफर करने का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क यातायात का दबाव कम करने, यात्रा समय बचाने और प्रदूषण नियंत्रण में सहायता मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, मेट्रो सेवा का वास्तविक प्रभाव यात्रियों की संख्या, सेवा की नियमितता और अन्य परिवहन साधनों के साथ कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगा।

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