इंदौर में विस्फोटक गोदाम में बड़ी चोरी, 300 किलो जिलेटिन स्टिक और 375 मीटर फ्यूज गायब; 15 सदस्यीय SIT गठित
इंदौर/महू। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र में लाइसेंसी विस्फोटक गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बड़गोंदा थाना क्षेत्र के सितापाट गांव स्थित निजी कंपनी की मैगजीन फैसिलिटी से अज्ञात बदमाश करीब 300 किलो जिलेटिन स्टिक और 375 मीटर डेटोनेटिंग/सेफ्टी फ्यूज चोरी कर ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 15 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।
रात के अंधेरे में गोदाम में सेंध
पुलिस के मुताबिक चोरी की घटना 6 और 7 सितंबर की दरमियानी रात हुई। अज्ञात आरोपी गोदाम की खिड़की की ग्रिल तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहां रखे विस्फोटक सामग्री के कई बॉक्स लेकर फरार हो गए। चोरी का पता चलने के बाद गोदाम संचालक की ओर से पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद बड़गोंदा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार गोदाम में कुल 13 बॉक्स रखे थे, जिनमें से 12 बॉक्स गायब मिले। जांच के दौरान एक बॉक्स और कुछ फ्यूज पास की झाड़ियों में पड़े मिले, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। बरामदगी और गोदाम के रिकॉर्ड के आधार पर चोरी हुई सामग्री की मात्रा का आकलन किया गया।
300 किलो जिलेटिन और फ्यूज चोरी होने से बढ़ी चिंता
चोरी गई सामग्री सामान्य सामान नहीं बल्कि नियंत्रित विस्फोटक सामग्री है, जिसका इस्तेमाल वैध औद्योगिक और निर्माण कार्यों में किया जाता है। इसी वजह से घटना को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित गोदाम के पास विस्फोटक सामग्री के भंडारण का वैध लाइसेंस है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा व्यवस्था में सेंध कैसे लगी और चोरी के पीछे कितने लोग शामिल थे।
15 सदस्यीय SIT करेगी जांच
घटना के बाद पुलिस ने जांच के लिए 15 सदस्यीय SIT गठित की है। इसके अलावा अन्य पुलिस टीमें भी मामले की जांच में लगाई गई हैं। ग्रामीण DSP उमाकांत चौधरी के अनुसार पुलिस को जांच के दौरान कुछ सुराग मिले हैं और उनके आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच टीम चोरी की सामग्री की बरामदगी के साथ-साथ आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से मिले सुरागों और उपलब्ध जानकारी को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
लाइसेंसी गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गोदाम की सुरक्षा में कहां चूक हुई और क्या चोरी करने वाले लोगों को परिसर की जानकारी पहले से थी।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस चोरी हुई विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने पर है।
पुलिस के सामने दोहरी चुनौती
इस मामले में पुलिस के सामने एक ओर चोरी के आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती है, तो दूसरी ओर गायब हुई विस्फोटक सामग्री की सुरक्षित बरामदगी भी अहम है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी के पीछे केवल आपराधिक मकसद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी थी।
फिलहाल SIT और पुलिस की अन्य टीमें जांच में जुटी हैं और अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी उपलब्ध सुरागों की जांच की जा रही है।
