रेलवे का बड़ा निर्देश: रात 11 से सुबह 5 बजे तक ट्रेनों में बंद रहेंगे मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, पावर बैंक में आग लगने के बाद सख्ती
नई दिल्ली | भारतीय रेलवे में रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ट्रेन में आग लगने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल और लैपटॉप के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पुराने निर्देशों का सख्ती से पालन कराने का आदेश दिया है।
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को सभी रेलवे जोन के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियरों (Principal Chief Mechanical Engineers) को पत्र जारी कर इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय के दौरान ट्रेन के कोचों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जाएं और इस मामले में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाए।
यह निर्देश दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) के क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद जारी किया गया है, जहां ट्रेन में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया और उससे धुआं निकलने लगा था।
पावर बैंक में विस्फोट के बाद रेलवे ने दिखाई सख्ती
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई-हावड़ा मेल में यात्रा के दौरान एक यात्री के पावर बैंक में आग लगने और विस्फोट जैसी घटना हुई। यह घटना रात करीब 3:38 बजे ओडिशा के बंडामुंडा स्टेशन के पास हुई थी।
बताया गया कि यात्री का पावर बैंक चार्जिंग पर लगा हुआ था। इसी दौरान उसमें विस्फोट हुआ और कोच में धुआं फैल गया। घटना के बाद ट्रेन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
रेलवे बोर्ड के पत्र में भी दक्षिण पूर्व रेलवे की एक ऐसी घटना का उल्लेख किया गया है, जिसमें निर्धारित समय के दौरान ऑनबोर्ड कर्मचारियों द्वारा चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। इसके बाद चार्जिंग के दौरान यात्री का पावर बैंक फट गया और धुआं निकलने लगा।
इस घटना ने ट्रेन के भीतर बिजली के उपकरणों की सुरक्षा और रात के समय चार्जिंग व्यवस्था के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
26 अक्टूबर को सभी रेलवे जोन को भेजा गया पत्र
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को पत्र संख्या 2000/Elect(G)/113/4/Pt-III (Safety) के माध्यम से सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किए।
इस पत्र में कहा गया है कि ट्रेन के कोचों में लगे मोबाइल चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएं।
रेलवे बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को इस नियम के बारे में उचित प्रशिक्षण और निर्देश देने को भी कहा है, ताकि ड्यूटी के दौरान कोई लापरवाही न हो।
इसके अलावा रेलवे अधिकारियों और सुपरवाइजरों को अचानक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेन में निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट वास्तव में बंद किए जा रहे हैं या नहीं।
क्या रात में मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल भी बंद रहेगा?
रेलवे के इस निर्देश को लेकर यात्रियों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रतिबंध मोबाइल फोन या लैपटॉप इस्तेमाल करने पर नहीं, बल्कि ट्रेन में उपलब्ध बिजली के चार्जिंग सॉकेट पर है।
यानी यात्री रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेंगे, लेकिन निर्धारित समय में ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट से उन्हें चार्ज नहीं कर सकेंगे।
ऐसे में रात की यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में सवार होने से पहले अपने मोबाइल फोन और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पर्याप्त चार्ज कर लें।
पहली बार कब लागू हुआ था यह नियम?
ट्रेनों में रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश पहली बार वर्ष 2014 में जारी किया गया था।
जून 2014 में रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से एसी कोचों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने का फैसला किया था।
इससे पहले वर्ष 2013 में हजूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस के एक एसी थर्ड क्लास कोच में आग लगने की घटना हुई थी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) ने रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की सिफारिश की थी।
इसी सिफारिश के आधार पर रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की थी।
2023 की आग की घटना के बाद भी उठे थे सुरक्षा के सवाल
नवंबर 2023 में नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर क्लोन स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में आग लगने की घटना हुई थी। यह घटना उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में सराय भूपत और इटावा के बीच हुई थी।
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने स्लीपर कोचों में भी मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की सिफारिश की थी।
हालांकि, रेलवे बोर्ड की पूर्व की कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट में बताया गया था कि एसी कोचों में निर्धारित समय पर चार्जिंग पॉइंट बंद किए जा रहे थे, जबकि गैर-एसी कोचों में इसी व्यवस्था को लागू करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती करना व्यावहारिक रूप से कठिन था।
अब अक्टूबर 2026 में पावर बैंक विस्फोट की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को मौजूदा निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।
यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
रेलवे की इस व्यवस्था के बीच यात्रियों को भी कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- ट्रेन में सफर शुरू करने से पहले मोबाइल और लैपटॉप को पर्याप्त चार्ज कर लें।
- खराब या क्षतिग्रस्त चार्जिंग केबल और एडॉप्टर का इस्तेमाल न करें।
- फूले हुए, गर्म होने वाले या क्षतिग्रस्त पावर बैंक का इस्तेमाल करने से बचें।
- पावर बैंक और मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर लंबे समय तक बिना निगरानी के न छोड़ें।
- ट्रेन में धुआं या आग दिखाई देने पर तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें।
- निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद होने पर कर्मचारियों से अनावश्यक बहस न करें।
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
भारतीय रेलवे में प्रतिदिन लाखों लोग लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेन के भीतर आग लगने की छोटी घटना भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पावर बैंक, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरी में खराबी या अनुचित चार्जिंग से आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है।
रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और औचक निरीक्षण कराने के निर्देश देकर स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यात्रियों के लिए जरूरी बात: रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के निर्धारित मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रहेंगे। इसलिए रात की यात्रा पर निकलने से पहले अपने फोन और जरूरी उपकरणों को चार्ज रखना बेहतर होगा।