बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों में 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 517 पंचायतें जलमग्न

बिहार में बाढ़ से 14 जिलों में 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों में 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 517 पंचायतों तक पहुंचा सैलाब

पटना। बिहार में लगातार बारिश और कई नदियों के उफान ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। राज्य के 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में करीब 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लगातार बारिश के साथ नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर भी बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ा है।

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल जिलों में देखने को मिल रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ी है।

गंगा समेत कई नदियां उफान पर

बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे या चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर बेहद महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच गया। 9 सितंबर को सुबह 9 बजे वहां गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर था।

हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में अब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने के संकेत भी मिल रहे हैं। पटना से मुंगेर तक गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन भागलपुर के कहलगांव में जलस्तर बढ़ने की सूचना है। ऐसे में प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है।

राहत और बचाव के लिए SDRF-NDRF की टीमें तैनात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार 27 SDRF और 10 NDRF टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में नावों का इस्तेमाल लोगों की आवाजाही और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, जरूरी सामान और अन्य राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने प्रभावित लोगों तक समय पर भोजन, राहत सामग्री और जरूरी सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को निचले और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने तथा तटबंधों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सरकार की ओर से प्रभावित लोगों के लिए पॉलिथीन शीट, सूखा राशन और पशु चारा जैसी राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित इलाकों में लोगों की सहायता के लिए नावों का संचालन जारी है।

बारिश का अलर्ट, खतरा अभी टला नहीं

बाढ़ का पानी कुछ इलाकों में घटने के बावजूद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। 10 सितंबर को बिहार के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश की स्थिति में नदियों के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

ऐसे में प्रशासन प्रभावित जिलों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

बिहार में बाढ़ की यह स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में पानी घटने से राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन 14 जिलों में 41.45 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने के कारण राहत और पुनर्वास का अभियान बड़ी चुनौती बना हुआ है।

बिहार में बाढ़ से 14 जिलों में 41 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार के कई जिलों में बाढ़ का कहर, लाखों लोग प्रभावित।

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