JPSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, CBI जांच की उठाई मांग

रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान JPSC मामले पर अपनी बात रखते नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी।

JPSC नियुक्तियों को लेकर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर निशाना, बोले- CBI जांच से ही सामने आएगा पूरा सच

 

रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान JPSC मामले पर अपनी बात रखते नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी।
JPSC विवाद को लेकर CBI जांच की मांग करते नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी।

रांची |झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े विवाद और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए।

नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी में ऐसे लोगों की नियुक्ति की जा रही है, जिनकी अपनी नियुक्तियां भी जांच के दायरे में रही हैं। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में आयोग से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से योग्य प्रशासनिक अधिकारियों के चयन की उम्मीद करना कठिन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का विश्वास बना रहे।

‘JPSC को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए’

मरांडी ने कहा कि जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था को किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव या कथित राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर कार्य करना चाहिए। उनके अनुसार, आयोग की निष्पक्षता ही युवाओं के भविष्य और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने जेपीएससी से जुड़े मामले में जमील अहमद सहित अन्य आरोपियों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले के तथ्यों और कथित मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एजेंसी की आवश्यकता है।

CBI जांच की उठाई मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही जांच पर विपक्ष पहले से सवाल उठाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में कई मामलों में जांच और गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन बाद में कई आरोपी जमानत पर बाहर आ गए।

इसी आधार पर उन्होंने मांग की कि JPSC से जुड़े पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच के माध्यम से पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।

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