उत्तरकाशी ट्रेक हादसा: 8 लापता लोगों की तलाश, मिले टेंट और बैग

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक क्षेत्र में लापता ट्रेकर्स की तलाश करते बचाव दल

उत्तरकाशी केदारताल ट्रेक हादसा: 8 लापता लोगों की तलाश जारी, बर्फ के बीच मिले टेंट और बैग; खराब मौसम से रेस्क्यू अभियान प्रभावित

उत्तरकाशी, उत्तराखंड |उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रेकिंग रूट पर लापता हुए सात ट्रेकर्स और एक स्थानीय गाइड की तलाश लगातार जारी है। सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान बचाव दल को केदार खरक इलाके के पास लापता लोगों के टेंट और बैग सहित कुछ निजी सामान बरामद हुए हैं। हालांकि, काफी खोजबीन के बावजूद आठों लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बर्फबारी, खराब मौसम और हिमस्खलन के खतरे के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को केदारताल क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना के बाद ट्रेकिंग दल के आठ सदस्यों से संपर्क टूट गया था। इनमें पश्चिम बंगाल के पांच पुरुष ट्रेकर्स, उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स और उत्तरकाशी का एक स्थानीय गाइड शामिल है।

4 सदस्य सुरक्षित लौटे, 8 लोग अब भी लापता

जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को 7 ट्रेकर्स और उनके सहयोगी स्टाफ के साथ एक दल उत्तरकाशी के गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इस अभियान के लिए वन विभाग से अनुमति ली गई थी और दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था।

इसी दौरान मौसम खराब हो गया और क्षेत्र में भारी बर्फबारी के साथ कई स्थानों पर हिमस्खलन की घटनाएं हुईं। इससे ट्रेकिंग मार्ग बाधित हो गया और दल के कुछ सदस्यों की वापसी मुश्किल हो गई।

30 अक्टूबर को घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों को अलर्ट किया गया। इसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

31 अक्टूबर को बचाव दल ने तीन पोर्टरों और एक रसोइये सहित चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। लेकिन सात ट्रेकर्स और एक गाइड का अब तक पता नहीं चल सका है।

बचाव दल को मिले टेंट और बैग, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग

सोमवार, 2 नवंबर को SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने केदार खरक क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

इस अभियान में SDRF की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू यूनिट के छह सदस्यों और NIM के चार विशेषज्ञों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया गया। एक अन्य बचाव दल ने पैदल रास्ते से भी घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास किया।

तलाशी के दौरान टीम को केदार खरक के पास लापता ट्रेकर्स के टेंट और बैग मिले। इससे बचाव दल को उस स्थान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जहां लापता समूह के सदस्य मौजूद रहे होंगे।

हालांकि, टेंट और सामान मिलने के बावजूद किसी भी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल सका। अधिकारियों के अनुसार, पूरे इलाके में खोजबीन की गई, लेकिन आठों लोगों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।

भारी बर्फबारी और हिमस्खलन बना सबसे बड़ी चुनौती

केदारताल का ट्रेक उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित है। यहां मौसम अचानक बदलने, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा बना रहता है।

बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाके में लगभग पांच से छह फीट तक बर्फ जमा है। कई स्थानों पर बर्फ की मोटी परत और खराब दृश्यता के कारण बचाव दलों को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है।

लगातार बदलते मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से तलाशी अभियान चलाना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सोमवार को मौसम और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां बिगड़ने के बाद अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

बचाव दल के सदस्य फिलहाल केदार खरक क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। मौसम अनुकूल होने पर दोबारा तलाशी अभियान शुरू करने की तैयारी है।

पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं लापता ट्रेकर्स

इस घटना में लापता आठ लोगों में पांच पुरुष ट्रेकर्स पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वहीं दो महिला ट्रेकर्स उत्तर प्रदेश से हैं। इनके साथ उत्तरकाशी का 25 वर्षीय स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा भी लापता है।

लापता लोगों में शामिल हैं:

  • तपस बाउरी – पश्चिम बंगाल
  • रतन घोष – पश्चिम बंगाल
  • मनोज खोवास – पश्चिम बंगाल
  • रिंटू मंडल – पश्चिम बंगाल
  • उदय घोष – पश्चिम बंगाल
  • वर्तिका वर्मा – उत्तर प्रदेश
  • दीपिका वर्मा – उत्तर प्रदेश
  • सिद्धार्थ राणा – उत्तरकाशी, स्थानीय गाइड

जिला प्रशासन की ओर से लापता लोगों के परिजनों को घटना और बचाव अभियान की स्थिति के बारे में जानकारी दे दी गई है।

SDRF, NIM और अन्य एजेंसियां बचाव अभियान में जुटीं

लापता लोगों की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), वन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें प्रयास कर रही हैं।

इसके अलावा ट्रेकिंग एजेंसी के सदस्य और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता दल भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण के साथ-साथ पैदल रास्तों से भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, लगातार हो रही बर्फबारी और दुर्गम रास्तों के कारण अभियान की गति प्रभावित हो रही है।

मौसम साफ होने का इंतजार, परिजनों की बढ़ी चिंता

चार दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आठ लोगों का पता नहीं चलने से उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है। बचाव दल खराब मौसम के बीच भी उपलब्ध संसाधनों के जरिए तलाशी अभियान आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव एजेंसियां मौसम में सुधार का इंतजार कर रही हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्र में दोबारा व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा सके।

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक क्षेत्र में लापता ट्रेकर्स की तलाश करते बचाव दल
उत्तरकाशी के केदारताल क्षेत्र में लापता सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी है। बचाव दल को उनके टेंट और बैग मिले हैं।

फिलहाल आठों लापता लोगों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टेंट और बैग मिलने के बावजूद उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पूरे देश की नजरें उत्तरकाशी में चल रहे इस बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।

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