DAV Kathara में नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन | शिक्षकों को मिला जिम्मेदार नागरिक निर्माण का संदेश

डीएवी कथारा में ‘नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा’ पर दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का समापन

शिक्षकों में नैतिक मूल्यों के संवर्धन पर जोर, जिम्मेदार नागरिक निर्माण का दिया संदेश

डीएवी पब्लिक स्कूल कथारा में नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा विषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन समारोह का दृश्य
सीबीएसई COE पटना के तत्वावधान में डीएवी पब्लिक स्कूल कथारा में आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला के समापन अवसर पर शिक्षक एवं साधनसेवी।

जगदीश भारती/कथारा (बोकारो): डीएवी पब्लिक स्कूल, सीसीएल कथारा में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE), पटना के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। ‘नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों को नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, ईमानदारी और उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य एवं झारखंड जोन-1 के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी. एन. खान ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माता भी होता है। उन्होंने कहा कि नैतिकता, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व किसी भी शिक्षक के व्यक्तित्व की आधारशिला हैं।

डॉ. खान ने कहा कि यदि शिक्षक स्वयं अपने व्यवहार और कार्यशैली में नैतिक मूल्यों को अपनाता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों पर स्वतः पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को अपने दायित्वों को अधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही उन्होंने कार्यशाला को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और आत्ममंथन का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

22 एवं 23 अगस्त को आयोजित इस कार्यशाला में एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, बोकारो की उप-प्राचार्या श्रीमती राखी बनर्जी तथा जी.जी.पी.एस., बोकारो की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती स्निग्धा सिन्हा ने साधनसेवी के रूप में अपनी विशेषज्ञता साझा की। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को विद्यालयी कार्यप्रणाली में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा एवं उत्तरदायित्व को प्रभावी ढंग से लागू करने के उपाय बताए।

कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने नैतिक मूल्यों को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया। इस दौरान प्रस्तुत विदाई गीत ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया।

समापन अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से दोनों साधनसेवियों श्रीमती राखी बनर्जी एवं श्रीमती स्निग्धा सिन्हा को शॉल एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने उनके ज्ञान, अनुभव एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला के सफल संचालन में विद्यालय के एसटीएनसी नागेंद्र प्रसाद, डिप्टी एसटीएनसी पंकज कुमार, जितेंद्र दुबे, डॉ. आर. एस. मिश्रा, रितेश कुमार, राकेश रंजन, जयपाल साव, संजय कुमार सिंह, आराधना, रेखा कुमारी, वीणा कुमारी, मधुमल्लिका उपाध्याय, पुष्पांजलि राव, पूजा सिंह, रिया सरकार, ओशीन, अर्शिया, एजाज, खुशबू कुमारी, सुमन कुमारी, संगीत कुमार, अश्विनी कुमार एवं रिया सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। दो दिवसीय यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि प्रेरणादायी भी साबित हुआ। कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि शिक्षा की वास्तविक सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में निहित है।

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