
“जब किसी घर में मातम होता है, तो सच्चा समाज वही है जो उस परिवार का हाथ थामकर कहे—आप अकेले नहीं हैं…”
पश्चिम बर्धमान के कुल्टी स्थित 2 नंबर धौड़ा, ऑफिस पाड़ा से एक बेहद दुःखद खबर सामने आई है। निवासी श्री तरनी यादव जी के आकस्मिक निधन ने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को गहरे दुःख में डाल दिया है।
किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। जिस घर में कल तक खुशियां थीं, आज वहां मातम है… आंखों में आंसू हैं और अपनों को खोने का गहरा दर्द है।
ऐसे कठिन समय में पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी श्री रोहित नोनिया, पूर्व पार्षद एवं पूर्व बरो चेयरमैन श्री संजय नोनिया, श्री बलबीर नोनिया और श्री राहुल नोनिया शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हुए और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
रोहित नोनिया ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में परिवार खुद को अकेला न समझे। मैं और मेरी पूरी टीम परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग देने का विश्वास दिलाती है।
यही तो इंसानियत है…
जब कोई अपना चला जाए, तब उसके परिवार के दर्द को महसूस करना…
जब आंखों में आंसू हों, तब एक हाथ सहारे के लिए आगे बढ़ाना…
और जब परिवार टूट रहा हो, तब उसे यह एहसास दिलाना कि “आप अकेले नहीं हैं।”
नोनिया परिवार की ओर से दिवंगत श्री तरनी यादव जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई और भगवान श्रीहरि से प्रार्थना की गई कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति और साहस प्रदान करें।
देशवासियों से भी एक छोटी-सी अपील—आइए, दुःख की इस घड़ी में परिवार के साथ संवेदना और मानवता के साथ खड़े हों।
श्री तरनी यादव जी को शत्-शत् नमन।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
ॐ शांति… ॐ शांति… ॐ शांति।