बेरमो। करगली गेट से बेरमो सीम हीरक रोड को जोड़ने वाली सड़क पहली ही बारिश में कई स्थानों पर धंसने लगी है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क पर बने गड्ढों और धंसे हिस्सों के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए संवेदक द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से टूटे हुए हिस्सों में मिट्टी भरने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में मिट्टी भरकर की जा रही मरम्मत स्थायी समाधान नहीं है। उनका कहना है कि लगातार बारिश होने पर मिट्टी बह सकती है, जिससे सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाएगी।
स्थानीय लोगों ने सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने और निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
इस संबंध में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) संजय झा ने दूरभाष पर बताया कि संवेदक द्वारा गुणवत्ता के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क के धंसे हुए हिस्सों में केवल मिट्टी भरकर मरम्मत करना उचित नहीं है। यदि समय रहते गुणवत्ता के अनुसार मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में यह सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। उन्होंने संबंधित एजेंसी को निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क की मरम्मत सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नई सड़क का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लोगों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा सड़क की टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है।