BSL में शुरू हुआ ऑनलाइन वेंडर रजिस्ट्रेशन, अब पेपरलेस होगी पूरी प्रक्रिया

बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने वेंडरों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के लागू होने से बीएसएल के साथ व्यावसायिक सहभागिता करने वाले पात्र वेंडरों को पंजीकरण कराने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बीएसएल प्रबंधन के अनुसार, पहले वेंडर पंजीकरण की प्रक्रिया भौतिक फाइलों के माध्यम से संचालित होती थी। इसके कारण आवेदन और दस्तावेजों की जांच सहित पूरी प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता था। अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे पंजीकरण की अवधि को न्यूनतम करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन और पेपरलेस
नई व्यवस्था के तहत वेंडर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी। वेंडर अपने आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इससे कागजी दस्तावेजों के प्रबंधन की आवश्यकता कम होगी और मैनुअल कार्यवाही में भी कमी आएगी।
ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की निगरानी करना आसान होगा। इससे संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी और पात्र वेंडरों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
SAP सिस्टम से एकीकृत किया गया पोर्टल
बीएसएल द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन वेंडर रजिस्ट्रेशन पोर्टल को बीएसएल के SAP सिस्टम के साथ एकीकृत किया गया है। इस एकीकरण का उद्देश्य पंजीकरण से संबंधित डेटा के रियल-टाइम फ्लो को बेहतर बनाना है।
प्रबंधन के मुताबिक, इससे डेटा की सटीकता और एकरूपता बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही पंजीकरण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी और संबंधित कार्यों के सुचारु निष्पादन में भी सुविधा होगी।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक और कदम
बीएसएल की यह पहल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, प्रक्रिया सरलीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्था से वेंडरों को आवेदन जमा करने और प्रक्रिया की औपचारिकताओं को पूरा करने में अधिक सुविधा मिलेगी।
बीएसएल प्रबंधन का मानना है कि ऑनलाइन वेंडर रजिस्ट्रेशन सिस्टम से न केवल पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी होगी, बल्कि बीएसएल और उसके वेंडर नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय तथा व्यावसायिक सहभागिता को भी मजबूती मिलेगी।
नई व्यवस्था के माध्यम से पात्र वेंडरों के पंजीकरण में तेजी, दस्तावेज प्रबंधन में दक्षता और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।