रजरप्पा में 30 वर्ष पुराने ‘छिलका पुल’ का हुआ अंत, मां छिन्नमस्तिका मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की यादों से जुड़ा था यह ऐतिहासिक मार्ग


रामगढ़/रजरप्पा: झारखंड के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा के समीप स्थित ऐतिहासिक छिलका पुल सोमवार को हमेशा के लिए इतिहास बन गया। करीब 30 वर्ष पुराने इस पुल को प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से ध्वस्त कर दिया गया। वर्षों तक यह पुल लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए मां छिन्नमस्तिका मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग रहा। पुल टूटने के साथ ही लोगों की उससे जुड़ी अनेक यादें भी ताजा हो गईं।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा था पुल
रजरप्पा आने वाले श्रद्धालु वर्षों से इसी पुल के माध्यम से भैरवी नदी पार कर मां छिन्नमस्तिका के दर्शन के लिए पहुंचते थे। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह पुल स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के दैनिक आवागमन का भी महत्वपूर्ण साधन था।
भैरवी नदी पर बना था निचला पुल
छिलका पुल भैरवी (भेदिया) नदी पर बना एक लो-लेवल (निचला) पुल था। यह नदी आगे चलकर दामोदर नदी में मिल जाती है। पुल की सबसे बड़ी समस्या यह थी कि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी पुल के ऊपर से बहने लगता था। ऐसे समय में पुल पूरी तरह जलमग्न हो जाता था और आवागमन बंद करना पड़ता था।
हर मानसून में बढ़ जाता था खतरा
भारी बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण पुल पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन और मां छिन्नमस्तिका मंदिर न्यास समिति समय-समय पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पुल पार करने अथवा नदी के समीप जाने से रोकती थी। कई बार पुल के डूब जाने से गोला, रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता था।
सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय
प्रशासन के अनुसार पुल लगभग तीन दशक पुराना हो चुका था और उसकी संरचना कमजोर हो गई थी। लगातार पानी के दबाव और समय के प्रभाव से पुल जर्जर स्थिति में पहुंच गया था। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने और जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसे ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया।
नए पुल की बढ़ी उम्मीद
छिलका पुल हटाए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही यहां एक आधुनिक, ऊंचा और मजबूत पुल का निर्माण कराएगा, ताकि वर्षभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके और बरसात के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
रजरप्पा का धार्मिक महत्व
रामगढ़ जिले में स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि नवरात्र, विशेष पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अवसरों पर लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्था इस क्षेत्र की बड़ी आवश्यकता मानी जा रही है।
नोट: प्रशासन ने पुल को सुरक्षा कारणों से हटाया है। यदि नए पुल के निर्माण या वैकल्पिक मार्ग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा जारी होती है, तो उसे संबंधित सरकारी जानकारी के आधार पर अपडेट किया जाना चाहिए।»