ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, 14 साल के करियर का अंत

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद

ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 14 साल के शानदार करियर का हुआ अंत

मेलबर्न/नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले के साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक रोमांचक और यादगार अध्याय का अंत हो गया। लगभग 14 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और उपयोगी गेंदबाजी से पहचान बनाने वाले मैक्सवेल अब ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलते नजर नहीं आएंगे।

38 वर्षीय मैक्सवेल ने 3 नवंबर 2026 को ‘द फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट के माध्यम से अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब वह अपने शरीर और फिटनेस पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं, ताकि अपने करियर के बाकी टूर्नामेंटों में खेल सकें।

मैक्सवेल पहले ही 2025 में वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे। अब उन्होंने T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी विदाई ले ली है। हालांकि, वह फ्रेंचाइज़ी T20 क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।

14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर का हुआ अंत

ग्लेन मैक्सवेल ने वर्ष 2012 में ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मैक्सवेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 7 टेस्ट, 149 वनडे और 130 T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने वनडे में 3,990 रन और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2,897 रन बनाए।

टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी पहचान सीमित ओवरों के क्रिकेट में विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच का रुख पलटने की क्षमता रही।

मैक्सवेल को उनके आक्रामक अंदाज और मैदान पर असाधारण शॉट खेलने की क्षमता के कारण ‘द बिग शो’ के नाम से जाना जाता है।

विश्व कप विजेता टीमों का रहे हिस्सा

ग्लेन मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की कई ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे। उन्होंने 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा, वह 2021 में T20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा थे।

उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को मजबूती प्रदान की। मैक्सवेल उन खिलाड़ियों में शामिल रहे, जो अपनी आक्रामक शैली से किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते थे।

अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रनों की ऐतिहासिक पारी

मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 201 रनों की पारी शामिल है।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम 292 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। एक समय टीम का स्कोर 91 रन पर सात विकेट था और जीत की उम्मीद बेहद कम दिखाई दे रही थी।

ऐसे मुश्किल समय में मैक्सवेल ने असाधारण बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 201 रन बनाए। उन्होंने 128 गेंदों की पारी में 21 चौके और 10 छक्के लगाए।

मैक्सवेल इस दौरान गंभीर ऐंठन और शारीरिक परेशानी से जूझ रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने कप्तान पैट कमिंस के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को अविश्वसनीय जीत दिलाई।

इस पारी को वनडे विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।

नीदरलैंड के खिलाफ बनाया था विश्व कप रिकॉर्ड

2023 वनडे विश्व कप में मैक्सवेल ने नीदरलैंड के खिलाफ भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था।

उन्होंने मात्र 40 गेंदों में शतक पूरा किया था, जो उस समय वनडे विश्व कप इतिहास का सबसे तेज शतक था। उनकी इस विस्फोटक पारी ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा बटोरी थी।

मैक्सवेल की बल्लेबाजी का अंदाज पारंपरिक क्रिकेट से अलग रहा। वह मैदान के किसी भी हिस्से में शॉट खेलने की क्षमता रखते थे और गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना अक्सर मुश्किल साबित होता था।

फिटनेस और शरीर पर ध्यान देने के लिए लिया फैसला

मैक्सवेल ने अपने संन्यास के पीछे फिटनेस और शरीर को बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत को प्रमुख कारण बताया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लंबे करियर के बाद अब वह अपने शरीर पर अधिक समय देना चाहते हैं, ताकि बाकी टूर्नामेंटों में खेलने के लिए खुद को तैयार रख सकें।

मैक्सवेल ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की प्रक्रिया चल रही है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के साथ भविष्य को लेकर बातचीत के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने के अवसरों के प्रति आभार जताया और कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात रही है।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर विदाई मैच की थी उम्मीद

मैक्सवेल को उम्मीद थी कि उन्हें मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर एक विदाई मुकाबला खेलने का अवसर मिल सकता है। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को मौका दे रही है।

उन्होंने स्वीकार किया कि टीम में बदलाव की प्रक्रिया को वह समझते हैं और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव मिलने का समर्थन करते हैं।

मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन क्रिकेट प्रशंसकों को उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और असाधारण पारियों की याद लंबे समय तक रहेगी।

फ्रेंचाइज़ी T20 क्रिकेट में जारी रहेगा सफर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद ग्लेन मैक्सवेल क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे।

वह बिग बैश लीग (BBL) में मेलबर्न स्टार्स के लिए खेलना जारी रखेंगे। इसके अलावा, वह अन्य फ्रेंचाइज़ी T20 प्रतियोगिताओं में भी उपलब्ध रह सकते हैं।

मैक्सवेल का लक्ष्य अब अपने शरीर को बेहतर स्थिति में रखते हुए क्रिकेट के बाकी अवसरों का आनंद लेना है।

उनके संन्यास से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। हालांकि, उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, अनोखे शॉट और विश्व कप में किए गए ऐतिहासिक प्रदर्शन उन्हें क्रिकेट इतिहास में एक खास स्थान दिलाते रहेंगे।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद
ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद क्रिकेट को अलविदा कहा।

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