27 साल बाद यूरोप में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त को दिन में छाएगा अंधेरा; भारत में नहीं लगेगा सूतक
नई दिल्ली: साल 2026 में एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगेगा, जिसे यूरोप के कई हिस्सों में करीब 27 साल बाद देखा जाएगा। इससे पहले यूरोप में ऐसा नजारा वर्ष 1999 में देखने को मिला था।
इस ऐतिहासिक खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा, जिससे कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा जाएगा और आसमान में सूर्य का बाहरी हिस्सा यानी कोरोना (Corona) साफ दिखाई देगा।
इन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
खगोलविदों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छाया कई इलाकों से होकर गुजरेगी। इनमें:
- ग्रीनलैंड
- आइसलैंड
- उत्तरी स्पेन
- बैलेआरिक द्वीप समूह
- पुर्तगाल का उत्तरी क्षेत्र
- रूस के आर्कटिक इलाके
शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा देख सकेंगे। वहीं अमेरिका और कनाडा के कई हिस्सों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।
ग्रहण के दौरान दिखेगा सूर्य का कोरोना
पूर्ण सूर्य ग्रहण की सबसे खास बात यह होती है कि इस दौरान सूर्य का बाहरी वातावरण यानी कोरोना दिखाई देता है।
सामान्य स्थिति में सूर्य की तेज रोशनी के कारण कोरोना नजर नहीं आता, लेकिन जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है तो यह चमकदार परत साफ दिखाई देती है। यही दृश्य वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है।
भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2026 का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के समय भारत में रात होने के कारण भारतीय लोग इसे सीधे नहीं देख पाएंगे।
भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक या सामान्य गतिविधियों पर किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी।
लाइव देख सकेंगे ग्रहण
जो लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, वे नासा (NASA), यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और अन्य खगोलीय संस्थानों के आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।
खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह वर्ष 2026 की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानी जा रही है।